गाजियाबाद: जनपद को नशा मुक्त बनाने के उद्देश्य से मादक पदार्थों की बिक्री एवं तस्करी के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने हेतु जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार माँदड़ के निर्देशन में महात्मा गांधी सभागार, कलेक्ट्रेट में नारको को-ऑर्डिनेशन सेंटर की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अपर जिलाधिकारी (नगर) विकास कश्यप ने की।

बैठक को संबोधित करते हुए एडीएम सिटी ने कहा कि जनपद में ड्रग ट्रैफिकिंग, अवैध खरीद-फरोख्त एवं नशे के बढ़ते प्रचलन को रोकने के लिए सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने अंतर्राज्यीय सीमाओं पर सतर्कता बढ़ाने, इंटेलिजेंस तंत्र को मजबूत करने और सीमा प्रबंधन को प्राथमिकता देने पर विशेष बल दिया।

एडीएम सिटी ने निर्देश दिए कि विद्यालयों, अस्पतालों एवं अन्य सार्वजनिक स्थलों पर नशा मुक्ति से संबंधित जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। स्कूलों के आसपास गुटखा, सिगरेट व अन्य नशीले पदार्थों की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध सुनिश्चित किया जाए। साथ ही विद्यालयों में वाद-विवाद, निबंध, चित्रकला एवं स्लोगन प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराया जाए।
उन्होंने जीआरपी, परिवहन विभाग एवं आरटीओ को रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन और बस स्टॉप पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए। ड्रग इंस्पेक्टर को सभी मेडिकल स्टोरों का नियमित निरीक्षण कर बिना लाइसेंस नारकोटिक्स रखने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। कोडीन युक्त दवाओं की अवैध बिक्री पर भी प्रभावी नियंत्रण के आदेश दिए गए।
यूपीएसआरटीसी गाजियाबाद को निर्देशित किया गया कि बस स्टैंड और उसके आसपास मादक पदार्थों की बिक्री रोकने के लिए नियमावली पुलिस व अन्य विभागों के साथ साझा करें। आगामी बैठकों में उच्च शिक्षा एवं श्रम विभाग को भी सम्मिलित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में स्वास्थ्य विभाग, पुलिस, नारकोटिक्स सेल, खाद्य विभाग, ड्रग इंस्पेक्टर, डीपीओ, समाज कल्याण, शिक्षा, वन एवं यातायात विभाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी व प्रतिनिधि उपस्थित रहे।


