बुलंदशहर: पर्यावरण संरक्षण की दिशा में खुर्जा स्थित टीएचडीसी परिसर में वन विभाग द्वारा विकसित ग्रीन बेल्ट एक सशक्त उदाहरण के रूप में उभर रहा है। जिलाधिकारी श्रुति ने इस हरित क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण कर विकास कार्यों की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान प्रभागीय वनाधिकारी ने बताया कि लगभग 120 हेक्टेयर क्षेत्रफल में कंजी, शीशम, अर्जुन, कचनार, आंवला, बेर सहित विभिन्न देशी प्रजातियों के पौधों का रोपण कर सघन वन क्षेत्र विकसित किया गया है। इस प्रयास से न केवल क्षेत्र में हरियाली बढ़ी है, बल्कि शुद्ध ऑक्सीजन की उपलब्धता में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

वन क्षेत्र के अंतर्गत जल संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से निर्मित तालाब का भी जिलाधिकारी ने अवलोकन किया। अधिकारियों ने बताया कि तालाब में पानी की उपलब्धता बढ़ने से भू-जल स्तर में सुधार हो रहा है तथा यहां प्रवासी और अप्रवासी पक्षियों का आगमन शुरू हो चुका है, जो पर्यावरणीय संतुलन के लिए सकारात्मक संकेत है।
जिलाधिकारी श्रुति ने तालाब को आर्द्रभूमि (वेटलैंड) के रूप में विकसित करने के निर्देश देते हुए कहा कि इससे जैव विविधता को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने जल की स्वच्छता बनाए रखने के लिए वैज्ञानिक पद्धति से लेयरिंग कराने तथा नियमित निगरानी सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी प्रशासन प्रमोद कुमार पांडेय, प्रभागीय वनाधिकारी, ईओ खुर्जा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।


