गाजियाबाद: जनपद में खुलेआम तलवार और फरसा बांटकर कानून-व्यवस्था को चुनौती देने के मामले में पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए हिंदू रक्षा दल (एचआरडी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष पिंकी चौधरी उर्फ भूपेंद्र और उनके बेटे हर्ष को गिरफ्तार कर लिया है। इससे पहले इस मामले में संगठन के 10 अन्य कार्यकर्ताओं को भी गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस ने पिंकी चौधरी के खिलाफ गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।

मिली जानकारी के अनुसार, 29 दिसंबर को शालीमार गार्डन स्थित हिंदू रक्षा दल के कार्यालय पर कथित रूप से खुलेआम तलवारें और फरसे बांटे गए थे। कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ता हथियार लहराते हुए गलियों में घूमते नजर आए, जिससे क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया। इस पूरे घटनाक्रम की जिम्मेदारी स्वयं पिंकी चौधरी ने एक वीडियो जारी कर ली थी, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मौके से 8 तलवारें बरामद कीं और कपिल, श्याम यादव, अरुण जैन, रामपाल, अमित सिंह, अमित कुमार, देवेंद्र बघेल, उजाला सिंह, अमित अरोड़ा और मोहित कुमार को गिरफ्तार किया। हालांकि पिंकी चौधरी और उसका बेटा हर्ष समेत करीब 15 लोग मौके से फरार हो गए थे।
फरारी के दौरान पिंकी चौधरी के दो वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए, जिनमें वह कथित रूप से शासन-प्रशासन को चुनौती देते नजर आए। इन वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि हमारा समाचार पत्र नहीं करता, लेकिन वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश तेज कर दी थी।
गाजियाबाद पुलिस कमिश्नरेट के डीसीपी ट्रांस हिंडन निमिष पाटील ने बताया कि पिंकी चौधरी उर्फ भूपेंद्र और उसके बेटे हर्ष को गिरफ्तार कर लिया गया है। अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है। उन्होंने बताया कि तलवार बांटने के मामले में 7 सीएलए सहित अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है और गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई के लिए रिपोर्ट भेज दी गई है।
पुलिस के अनुसार, पिंकी चौधरी पूर्व में भी विवादों में रह चुका है। उस पर झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले लोगों को रोहिंग्या बताकर झुग्गियों में आग लगाने के आरोप लगे थे। उस समय भी गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई की संस्तुति की गई थी, लेकिन कार्रवाई नहीं हो सकी थी।
इधर मंगलवार को पंचदशनाम जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद पुलिस आयुक्त कार्यालय पहुंचे और पुलिस पर पिंकी चौधरी की बेटी व परिजनों के साथ दुर्व्यवहार का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ताओं के परिवारों को अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है। वहीं पुलिस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि किसी को हिरासत में नहीं लिया गया था, केवल पूछताछ के लिए बुलाया गया था, जिससे अहम सुराग मिले।
वहीं हिंदू रक्षा दल के कार्यकर्ताओं ने अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष और अन्य कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी पर नाराजगी जताते हुए आंदोलन की तैयारी शुरू कर दी है। पुलिस प्रशासन ने स्थिति पर नजर रखते हुए क्षेत्र में सतर्कता बढ़ा दी है।


