बुलंदशहर: सशस्त्र सेना वेटरन्स डे के अवसर पर जनपद में पूर्व सैनिकों एवं वीर नारियों के सम्मान में एक गरिमामय समारोह का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम जिलाधिकारी के आवास पर आयोजित हुआ, जिसमें वर्ष 1971 के युद्ध में भाग लेने वाले वीर सैनिकों, वीरता पुरस्कार विजेताओं तथा वीर नारियों ने सहभागिता की।
कार्यक्रम के दौरान देश की रक्षा में योगदान देने वाले 10 वीर नारियों तथा लगभग 35 पदक विजेता पूर्व सैनिकों को माला पहनाकर, शॉल ओढ़ाकर, स्मृति चिन्ह एवं प्रशंसा पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। सम्मान पाकर पूर्व सैनिकों एवं उनके परिजनों के चेहरे गर्व और आत्मसम्मान से दमक उठे।
समारोह को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी श्रुति ने कहा कि देश की सीमाओं की रक्षा में पूर्व सैनिकों का साहस, समर्पण और बलिदान अमूल्य है। उन्होंने कहा कि सैनिकों द्वारा किए गए त्याग और उनके परिवारों की भूमिका को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने पूर्व सैनिकों व वीर नारियों के प्रति प्रशासन की ओर से कृतज्ञता व्यक्त करते हुए आश्वस्त किया कि उनके कल्याण से जुड़े विषयों पर सरकार एवं जिला प्रशासन सदैव संवेदनशील रहेगा।
इस अवसर पर जानकारी दी गई कि भारत में वर्ष 2016 से प्रत्येक वर्ष 14 जनवरी को सशस्त्र सेना वेटरन्स डे मनाया जाता है। यह दिवस भारत के प्रथम सेनाध्यक्ष फील्ड मार्शल के. एम. करिअप्पा की सेवानिवृत्ति की स्मृति में मनाया जाता है और इसका उद्देश्य सेवानिवृत्त सैनिकों के योगदान को सम्मान देना तथा समाज में उनके प्रति सम्मान की भावना को सुदृढ़ करना है।
कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) प्रमोद कुमार पांडेय, जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कैप्टन (नौसेना) अनिल कुमार शर्मा सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी, पूर्व सैनिक संगठन के पदाधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। समारोह का समापन राष्ट्र सेवा और सैनिक सम्मान के संकल्प के साथ किया गया।


