महराजगंज: जिले में पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता को लेकर स्थिति लगातार चिंताजनक बनी हुई है। कागजों पर भले ही आपूर्ति सामान्य बताई जा रही हो, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात इसके ठीक उलट नजर आ रहे हैं। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक कई पेट्रोल पंपों पर ईंधन खत्म होने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
अजीब हाल यह है कि कहीं पेट्रोल नहीं मिल रहा, तो कहीं डीजल पूरी तरह गायब है। इस असंतुलन के कारण वाहन चालक पूरे दिन एक पंप से दूसरे पंप का चक्कर काटने को मजबूर हैं। महराजगंज मुख्यालय के अलावा सिसवा, निचलौल, नौतनवा और फरेंदा क्षेत्रों में भी यही हाल देखने को मिल रहा है। कई जगहों पर लोग घंटों लाइन में खड़े रहने के बावजूद बिना ईंधन के लौट रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस अव्यवस्था के पीछे सिर्फ आपूर्ति में कमी ही नहीं, बल्कि कुछ स्थानों पर कृत्रिम अभाव की आशंका भी है। उनका आरोप है कि कुछ पेट्रोल पंप संचालक जानबूझकर ईंधन रोककर हालात को और बिगाड़ रहे हैं। हालांकि, पंप संचालकों का पक्ष है कि उन्हें डिपो से पर्याप्त मात्रा में ईंधन नहीं मिल पा रहा, जिससे समस्या उत्पन्न हो रही है।
ईंधन संकट का असर अब आम जनजीवन पर साफ दिखने लगा है। रोजमर्रा के कामकाज प्रभावित हो रहे हैं और लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। क्षेत्रीय नागरिक मोहन यादव, सुरेश चौधरी, कुलदीप यादव, राघव सिंह, किशोरी, रामदेव यादव, जलालुद्दीन, रहमत अली, मनोज सिंह, राजेंद्र उर्फ राजू प्रसाद, संतोष अग्रहरी और सोनू भारती का कहना है कि प्रशासन केवल निर्देश जारी कर अपनी जिम्मेदारी पूरी मान रहा है, जबकि पंपों पर जाकर वास्तविक स्थिति की निगरानी नहीं की जा रही।
लोगों का कहना है कि घंटों इंतजार के बाद जब उनकी बारी आती है, तब यह कहकर लौटा दिया जाता है कि ईंधन खत्म हो गया है। ऐसे में जनता खुद को ठगा हुआ महसूस कर रही है। अब लोगों की मांग है कि प्रशासन तत्काल हस्तक्षेप कर आपूर्ति व्यवस्था को दुरुस्त करे, ताकि इस संकट से राहत मिल सके।


