कुशीनगर: जनपद के थाना कसया क्षेत्र से 8 अप्रैल को छह लड़कियों के अचानक घर से बिना बताए लापता हो जाने की सूचना मिलते ही पुलिस महकमा सक्रिय हो गया। परिजनों की तहरीर पर तत्काल गुमशुदगी का मुकदमा दर्ज कर खोजबीन शुरू कर दी गई।
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि एक लड़की ने अपने परिचित को बताया था कि वे सभी लखनऊ जाकर काम करेंगी और आत्मनिर्भर बनना चाहती हैं। इस महत्वपूर्ण सुराग के आधार पर पुलिस अधीक्षक कुशीनगर के निर्देशन में, अपर पुलिस अधीक्षक के पर्यवेक्षण और क्षेत्राधिकारी कसया के नेतृत्व में विशेष टीमों का गठन किया गया।

पुलिस टीमों ने तेजी दिखाते हुए सीसीटीवी फुटेज खंगाले, सर्विलांस और तकनीकी साधनों की मदद ली तथा आसपास के जनपदों में समन्वय स्थापित कर सघन तलाश अभियान चलाया। लगातार प्रयासों के बाद 9 अप्रैल को सभी छह लड़कियों को गौर रेलवे स्टेशन से सकुशल बरामद कर लिया गया।
बरामदगी के बाद सभी लड़कियों को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि लड़कियों के घर छोड़ने के पीछे कोई अन्य कारण तो नहीं था।
बरामद लड़कियों में किरण (18), मनीषा (18), नंदिनी (18), सलोनी (13, नाबालिग), अनुष्का (19) और रिफत खातून (22) शामिल हैं।
इस सफल ऑपरेशन में थाना कसया, थाना तमकुहीराज, स्वाट टीम और सर्विलांस सेल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अधीक्षक कुशीनगर ने टीम के सभी अधिकारियों व कर्मचारियों की सराहना करते हुए उनकी तत्परता और समर्पण की प्रशंसा की है।


