महराजगंज: नौतनवा विकास खंड की ग्राम पंचायतों में मनरेगा योजना के तहत कथित तौर पर बड़े पैमाने पर डिजिटल अनियमितताओं का मामला सामने आ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारियों और बिचौलियों की मिलीभगत से योजना के धन का दुरुपयोग किया जा रहा है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, अधिकांश कार्यस्थलों पर दिन के समय मजदूरों की मौजूदगी नहीं के बराबर होती है और कई जगहों पर काम ठप पड़ा रहता है। लेकिन शाम होते ही रिकॉर्ड्स में अचानक बदलाव दिखने लगता है और मस्टर रोल में बड़ी संख्या में मजदूरों की उपस्थिति दर्ज कर दी जाती है।
गौरतलब है कि सरकार ने पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए नेशनल मोबाइल मॉनिटरिंग सिस्टम (NMMS) के माध्यम से जियो-टैग्ड फोटो के साथ दिन में दो बार ऑनलाइन उपस्थिति अनिवार्य की है। इसके बावजूद आरोप है कि इसी तकनीक का उपयोग अब फर्जीवाड़े को छिपाने के लिए किया जा रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि खाली पड़े कार्यस्थलों की वास्तविकता के विपरीत, डिजिटल माध्यम से उपस्थिति दर्ज कर सरकारी धन निकाला जा रहा है।
जिले में फेस ऑथेंटिकेशन जैसे सख्त प्रावधान लागू होने के बावजूद नौतनवा ब्लॉक में यह कथित गड़बड़ी जारी रहना कई सवाल खड़े करता है। इससे न केवल योजना की पारदर्शिता प्रभावित हो रही है, बल्कि निगरानी तंत्र की प्रभावशीलता पर भी संदेह उत्पन्न हो रहा है।
ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की अपील की है, ताकि मनरेगा योजना का लाभ वास्तव में जरूरतमंद श्रमिकों तक पहुंच सके और सरकारी धन के दुरुपयोग पर रोक लगाई जा सके।


