रतनपुर/महराजगंज। नौतनवा ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम पंचायत करमहवा के कर्मी टोला में मनरेगा योजना के तहत हो रहे विकास कार्यों में बड़ी वित्तीय अनियमितता और फर्जीवाड़े का मामला प्रकाश में आया है। कर्मी टोला में पुल से लेकर हरिराम के खेत तक नाला खुदाई का कार्य जमीनी हकीकत से दूर सिर्फ सरकारी कागजों और मस्टरोल तक ही सीमित रह गया है।
इस विकास कार्य के नाम पर मौके पर भारी हेरफेर करते हुए सिर्फ कोरम पूरा करने का प्रयास किया गया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि वर्तमान में नाले में पानी भरा हुआ है, जिससे नियमानुसार खुदाई कार्य संभव ही नहीं है, लेकिन कागजी खानापूर्ति करने के लिए नाले के दक्षिणी भाग को ऊपर से करीब 30-40 मीटर तक महज छिलवा कर छोड़ दिया गया है। इस योजना के तहत मजदूरों की हाजिरी में भी बड़े पैमाने पर घालमेल किया जा रहा है।
विभागीय आंकड़ों के अनुसार इस कार्य के लिए जारी किए गए मस्टरोल संख्या 8171 से 8174 में कुल 30 से 40 मजदूरों के नाम दर्ज है, जिनका कार्यस्थल पर रोजाना फर्जी हाजिरी लगाया जा रहा है। करीब एक सप्ताह से धरातल पर बिना कोई वास्तविक कार्य किए इन मस्टरोलों के जरिए सरकारी धन के बंदरबांट की पूरी तैयारी कर ली गई है। मौके पर एक भी मजदूर काम करता हुआ दिखाई नहीं दे रहा है, जबकि सरकारी रिकॉर्ड में सभी को कार्यरत दिखाकर सरकारी धन का हेराफेरी किया जा रहा है।
स्थानीय ग्रामीणों ने इस गंभीर धांधली को लेकर गहरा आक्रोश व्यक्त किया है और मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि मनरेगा जैसी महत्वपूर्ण कल्याणकारी योजना में इस तरह का खुला भ्रष्टाचार जिम्मेदार के मिलीभगत के बिना संभव नहीं है।


