Hindi Express News
  • 02/03/2026
  • Last Update 01/03/2026 8:01 pm
  • Lucknow

गाजियाबाद में साइबर ठगों का बड़ा नेटवर्क बेनकाब, लिंक क्लिक किया और उड़ गए करोड़ों, जानिए कैसे चलता था शेयर ट्रेडिंग फ्रॉड

गाजियाबाद में साइबर ठगों का बड़ा नेटवर्क बेनकाब, लिंक क्लिक किया और उड़ गए करोड़ों, जानिए कैसे चलता था शेयर ट्रेडिंग फ्रॉड

गाजियाबाद: शेयर बाजार में मोटे मुनाफे का लालच देकर लोगों से करोड़ों रुपये ठगने वाले साइबर गिरोह का गाजियाबाद पुलिस कमिशनरेट की साइबर क्राइम टीम ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में एक युवक को गिरफ्तार कर ठगी की रकम में से 9.5 लाख रुपये बरामद किए हैं। यह गिरोह फर्जी शेयर ट्रेडिंग ऐप और व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से देश के कई राज्यों में लोगों को निशाना बना रहा था।

सहायक पुलिस आयुक्त अपराध अमित सक्सेना के अनुसार, गिरोह द्वारा तैयार किए गए व्हाट्सएप ग्रुप में लोगों को जोड़ा जाता था और शेयर ट्रेडिंग में रोजाना मुनाफे का भरोसा दिलाया जाता था। इसी तरीके से राजनगर एक्सटेंशन निवासी शिवराज सिंह यादव को भी जाल में फंसाया गया। ठगों ने उन्हें फर्जी ट्रेडिंग एप ‘ASK MIN’ डाउनलोड करवाकर उस पर निवेश के लिए प्रेरित किया।

आरोप है कि ठगों ने अलग-अलग बैंक खातों में निवेश के नाम पर शिवराज सिंह से करीब 1 करोड़ 11 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए। इसके बाद सभी आरोपी अचानक संपर्क से बाहर हो गए। ठगी का अहसास होने पर पीड़ित ने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की।

जांच के दौरान पुलिस ने मोहम्मद नदीम (23 वर्ष) को खोड़ा थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया। आरोपी के पास से घटना में इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन और ठगी की रकम बरामद की गई है। पुलिस के अनुसार नदीम मूल रूप से गाजियाबाद का रहने वाला है और दिल्ली के शाहदरा इलाके में रह रहा था।

पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसे अंकित और अरुण नामक दो लोगों ने साइबर ठगी के नेटवर्क से जोड़ा था। इनके कहने पर उसने ‘देव लॉजिस्टिक’ नाम की एक फर्जी कंपनी बनाकर आईडीएफसी बैंक में चालू खाता खुलवाया। इस खाते की चेकबुक, एटीएम और इंटरनेट बैंकिंग की पूरी जानकारी मुख्य आरोपियों के पास रहती थी, जबकि नदीम को केवल ओटीपी साझा करने के बदले खाते में आने वाली रकम का 5 प्रतिशत कमीशन मिलता था।

पुलिस के अनुसार यह साइबर गिरोह उत्तर प्रदेश के अलावा महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, गुजरात और तमिलनाडु में भी सक्रिय था। अब तक सामने आए तथ्यों के अनुसार गिरोह ने कुल सात साइबर ठगी की वारदातों को अंजाम दिया है, जिनमें ठाणे, पुणे, तिरुपति, भावनगर और चेन्नई के पीड़ित शामिल हैं। पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है और संबंधित राज्यों की पुलिस से समन्वय कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

author

Related Articles

error: Content is protected !!