गाजियाबाद: जिले में लगातार बढ़ रही शीतलहर और कड़ाके की ठंड के बीच जिला प्रशासन ने आमजन से सतर्कता बरतने की अपील की है। अपर जिलाधिकारी (वित्त/राजस्व) एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण सौरभ भट्ट ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर शीतलहर से बचाव हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश (एडवाइजरी) दी है।
उन्होंने बताया कि लंबे समय तक ठंड के संपर्क में रहने से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं। ऐसे में शरीर को सूखा रखें और गर्म कपड़ों से ढककर रखें। ठंड में गर्म पेय पदार्थों और पौष्टिक आहार का सेवन करना लाभकारी है। हीटर, ब्लोअर या कोयले की अंगीठी का प्रयोग करते समय कमरे में थोड़ी खिड़की खुली रखें और सोने से पहले इन्हें बंद कर दें।
सौरभ भट्ट ने कहा कि शीतलहर के दौरान सर्दी, नाक बहना, शरीर के अंगों का सुन्न पड़ना, शीतदंश और अन्य बीमारियों की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सक से परामर्श करना चाहिए। विशेष ध्यान बच्चों, बुजुर्गों, नवजात शिशुओं और बीमार व्यक्तियों पर रखें।
उन्होंने अनावश्यक घर से बाहर निकलने से बचने, सुबह-शाम ठंड के समय बाहर न निकलने और सिर, कान, हाथ-पैर को अच्छी तरह ढककर रखने की सलाह दी। साथ ही शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बनाए रखने के लिए विटामिन-सी युक्त फल और सब्जियों का सेवन करने, गुनगुने पानी पीने और घर के भीतर योग या हल्का व्यायाम करने की भी हिदायत दी।
जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे इस शीतलहर में सतर्क रहें और स्वास्थ्य सुरक्षा के सभी उपाय अपनाएं।


