गाजियाबाद: दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण के बीच, ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) का चौथा चरण लागू होने के बावजूद नियमों की अनदेखी सामने आई है। गाजियाबाद में उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (UPPCB) की कार्रवाई के दौरान 48 कंस्ट्रक्शन और डिमोलिशन साइट्स पर काम चलते हुए पाए गए, जिन पर कुल 1.49 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया।
फिलहाल दिल्ली-एनसीआर का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) ‘बेहद खराब’ श्रेणी में दर्ज है। GRAP-4 के तहत सभी प्रकार की निर्माण और ध्वस्तीकरण गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध है, लेकिन UPPCB की छापेमारी में कई साइट्स नियमों का उल्लंघन करती हुई पाई गईं।
GRAP अवधि में की गई जांच में 33 औद्योगिक इकाइयां प्रदूषण फैलाती मिलीं, जिनमें से 23 अवैध रूप से संचालित थीं। इन अवैध इकाइयों को तुरंत सील कर दिया गया। साथ ही 35 हॉट मिक्स प्लांट्स को भी सील किया गया, जबकि 10 कंस्ट्रक्शन/डिमोलिशन साइट्स को बंद कराया गया।
UPPCB के अधिकारियों के अनुसार कई क्षेत्रों में अवैध फैक्ट्रियों का संचालन रात में होता है। इसे रोकने के लिए रात्रिकालीन छापेमारी के लिए विशेष टीमें बनाई गई हैं। वहीं यातायात जाम से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए लाल कुआं पर 19 और लोनी तिराहे पर 18 अतिरिक्त ट्रैफिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं।
जिलाधिकारी के निर्देश पर प्रदूषण नियंत्रण से जुड़ी कार्रवाई की दैनिक रिपोर्ट UPPCB के क्षेत्रीय अधिकारी द्वारा सौंपी जा रही है। इसके साथ ही शहर में वायु गुणवत्ता की निगरानी मजबूत करने के लिए 6 नए AQI मॉनिटरिंग स्टेशन लगाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। वर्तमान में इंदिरापुरम, वसुंधरा, लोनी और संजय नगर में चार स्टेशन हैं। नए स्टेशनों में लोनी में दो, मोदीनगर में एक, खोड़ा में एक और शहरी क्षेत्र में दो स्टेशन शामिल होंगे।


