गाजियाबाद: कलेक्ट्रेट स्थित महात्मा गांधी सभागार में जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मॉंदड़ की अध्यक्षता एवं मुख्य विकास अधिकारी अभिनव गोपाल की सह-अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की शासी निकाय की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक में स्वास्थ्य विभाग के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने प्रतिभाग किया।

जिलाधिकारी ने बैठक के दौरान विभिन्न योजनाओं और स्वास्थ्य सेवाओं की गहन समीक्षा करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि खराब प्रदर्शन करने वाले स्वास्थ्यकर्मियों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि “सुधारात्मक एवं भुगतान संबंधी कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
ओपीडी-आईपीडी में वृद्धि
समीक्षा के दौरान बताया गया कि: ओपीडी में विगत वर्ष की तुलना में 1,95,252 मरीजों की वृद्धि दर्ज हुई है।
आईपीडी में 15,397 मरीजों की बढ़ोतरी हुई है।
प्रति डॉक्टर प्रतिदिन औसतन 82.6 ओपीडी दर्ज की गई।
ई-संजीवनी पर सख्ती
ई-संजीवनी कार्यक्रम के तहत प्रति सीएचओ प्रति दिन औसत टेली कंसल्टेशन 5 के लक्ष्य के सापेक्ष 5.4 है।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि अक्टूबर माह में 50 से कम ई–संजीवनी परामर्श करने वाले एवं लगातार खराब प्रदर्शन करने वाले चिकित्सकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
जननी सुरक्षा योजना (JSY) की समीक्षा
इस वर्ष 44,419 (79%) महिलाओं ने सुरक्षित संस्थागत प्रसव कराया।
राजकीय चिकित्सालयों में 11,493 प्रसव हुए।
इनमें से 4,271 लाभार्थियों को JSY प्रोत्साहन राशि का भुगतान किया जा चुका है।
नवीन लेखा पद्धति लागू होने के कारण भुगतान प्रतिशत कम बताया गया, हालांकि सभी लाभार्थियों की ऑनलाइन प्रविष्टि मंत्रा ऐप में पूर्ण कर दी गई है।
टीकाकरण व नसबंदी स्थिति
अप्रैल से अब तक 111% बच्चों को एमआर-1 खुराक दी जा चुकी है।
महिला नसबंदी के 1,631 मामले (94.5%) पूर्ण हुए।
महत्वपूर्ण निर्देश
जिलाधिकारी ने निम्न आदेश दिए: राष्ट्रीय कार्यक्रमों में जनभागीदारी बढ़ाने हेतु विभागों के बीच समन्वय मजबूत किया जाए।
पुराने जिला महिला चिकित्सालय व सीएचसी डासना के जर्जर भवन के ध्वस्तीकरण हेतु प्रस्ताव भेजा जाएगा।
आशा कार्यकर्ताओं का मासिक प्रोत्साहन भुगतान समय पर हो।
सभी JSY लाभार्थियों को भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
सभी अस्पतालों व लैब में आवश्यक सामग्री एवं डायग्नोस्टिक सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित हो।
आवश्यक दवा सूची के अनुरूप दवाओं की उपलब्धता बनाए रखी जाए।


