गाजियाबाद: होली पर्व से पहले आमजन को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने जनपद में मिलावट के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, उत्तर प्रदेश के निर्देश तथा जिलाधिकारी गाजियाबाद के आदेश पर गठित पांच विशेष टीमों द्वारा लगातार छापेमारी और प्रवर्तन किया जा रहा है।
इसी क्रम में 23 फरवरी की रात खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम ने विजय नगर के बहरामपुर क्षेत्र में एक पिकअप वाहन को जांच के लिए रोका। जांच में राजस्थान के ग्राम नाहरा (जनपद डींग) और अलीगढ़ के ग्राम दाता (पिसावा) से लाया गया पनीर प्रथम दृष्टया मिलावटी पाया गया। पनीर को गंदे ड्रमों, दूषित पानी और निर्धारित तापमान के बिना संग्रहित किया गया था। टीम ने मौके पर दो नमूने लेकर 840 किलोग्राम पनीर (अनुमानित मूल्य ₹2.52 लाख) को नष्ट करा दिया।
इसके बाद 24 फरवरी की सुबह राजनगर एक्सटेंशन क्षेत्र में एक अन्य पिकअप वाहन से लाया गया पनीर भी मानकों के विपरीत पाया गया। मेरठ के ग्राम रसूलपुर (थाना जानी) से आपूर्ति हेतु लाए गए इस पनीर के 430 किलोग्राम (मूल्य ₹1.17 लाख) को जब्त कर दो नमूने संग्रहित किए गए और शेष सामग्री नष्ट कराई गई।
वहीं, ट्रोनिका सिटी लोनी क्षेत्र में संयुक्त मजिस्ट्रेट के निर्देशन में की गई कार्रवाई के दौरान मुजफ्फरनगर से लाया गया 200 किलोग्राम खोया दुर्गंधयुक्त और मिलावटी पाया गया। आवश्यक नमूने लेने के बाद लगभग ₹60 हजार मूल्य का खोया नष्ट कराया गया। इसके अतिरिक्त बागपत से आए एक अन्य वाहन से खोया के नमूने भी जांच के लिए भेजे गए हैं।
खाद्य विभाग के मुताबिक, अब तक इस विशेष अभियान में कुल 29 नमूने एकत्र कर क्षेत्रीय जनविश्लेषक प्रयोगशाला, उत्तर प्रदेश को भेजे जा चुके हैं। जांच रिपोर्ट आने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत संबंधित खाद्य कारोबारकर्ताओं के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि मिलावटखोरों के खिलाफ यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा और उपभोक्ताओं की सेहत से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।


