गाजियाबाद: बढ़ते ट्रैफिक दबाव और विशेष आयोजनों के दौरान शहर में लगने वाले जाम से राहत दिलाने के लिए पुलिस प्रशासन ने एक ठोस कदम उठाया है। पुलिस आयुक्त के निर्देश पर शुक्रवार को पुलिस लाइन्स स्थित परमजीत हॉल में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था/यातायात) की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण गोष्ठी आयोजित की गई। इस बैठक में यातायात विभाग के वरिष्ठ अधिकारीयों के साथ लगभग 90 बैंक्वेट हॉल और होटल संचालकों ने भाग लिया।

गोष्ठी का मुख्य उद्देश्य विवाह समारोह, पार्टी और अन्य बड़े आयोजनों के दौरान उत्पन्न होने वाली यातायात अव्यवस्था को नियंत्रित करने के लिए समन्वित रणनीति तैयार करना था। अक्सर देखा जाता है कि बिना पूर्व योजना के आयोजित कार्यक्रमों के कारण सड़कों पर लंबा जाम लग जाता है, जिससे आम नागरिकों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है। इसी समस्या के समाधान के लिए पुलिस ने स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए।

बैठक में सबसे महत्वपूर्ण निर्देश यह दिया गया कि सभी बैंक्वेट हॉल और होटल संचालक किसी भी बड़े आयोजन की सूचना कम से कम दो दिन पहले अनिवार्य रूप से दें। यह सूचना निर्धारित प्रारूप में ईमेल या यातायात नियंत्रण कक्ष के माध्यम से भेजी जाएगी, ताकि पुलिस पहले से आवश्यक इंतजाम कर सके। इसके अलावा, आयोजनों के दौरान पार्किंग और वाहन आवागमन को व्यवस्थित रखने के लिए प्राइवेट मार्शल या सहायक कर्मियों की नियुक्ति भी अनिवार्य कर दी गई है।

सुरक्षा और निगरानी को ध्यान में रखते हुए सभी प्रतिष्ठानों में पर्याप्त संख्या में सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए गए। साथ ही यह सुनिश्चित करने को कहा गया कि कैमरे पूरी तरह कार्यशील हों, उनका एंगल सही हो और उनमें दिनांक व समय सही प्रदर्शित हो।
अन्य महत्वपूर्ण निर्देशों में यह भी शामिल है कि कार्यक्रम स्थल की पार्किंग क्षमता के अनुसार ही आयोजन किए जाएं और किसी भी स्थिति में सड़क पर घुड़चढ़ी या जुलूस न निकाला जाए, क्योंकि इससे यातायात बाधित होता है और आम लोगों को परेशानी होती है।
अधिकारियों ने साफ चेतावनी दी कि यदि किसी आयोजन के कारण यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है और उसमें लापरवाही पाई जाती है, तो संबंधित संचालकों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सभी से जनहित में पुलिस प्रशासन का सहयोग करने की अपील की गई।


