गाजियाबाद: जिला उद्योगों की समस्याओं के त्वरित समाधान और विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा के उद्देश्य से मुख्य विकास अधिकारी (CDO) गाजियाबाद अभिनव गोपाल की अध्यक्षता में जिला स्तरीय उद्योग बंधु बैठक का आयोजन विकास भवन स्थित दुर्गावती देवी सभागार में किया गया।

बैठक में विभिन्न औद्योगिक संगठनों एवं विभागीय अधिकारियों ने भाग लिया और अपने-अपने प्रकरणों की जानकारी साझा की।
सड़क चौड़ीकरण, औद्योगिक जल आपूर्ति और नाला निर्माण पर प्रमुख चर्चा
इंद्रप्रस्थ योजना पॉकेट-B में सड़क चौड़ीकरण एवं विकास कार्यों पर चर्चा करते हुए CDO ने बताया कि इस संबंध में उपाध्यक्ष GDA से वार्ता हो चुकी है और मामला जल्द ही बोर्ड बैठक में रखा जाएगा।
ट्रांस दिल्ली सिग्नेचर सिटी लोनी औद्योगिक क्षेत्र में पानी की टंकियों के पुनः संचालन पर जल निगम ने बताया कि दो महीने के भीतर डीपीआर तैयार कर UPसीडा को भेज दी जाएगी।

दिल्ली-लोनी रोड पर नाला जलभराव और सड़कों की खराब स्थिति पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि 110 करोड़ रुपये की स्वीकृति शासन द्वारा प्रदान की जा चुकी है और डीपीआर शासन को भेजी जानी है, जिसके बाद कार्य जल्द शुरू होगा।
अमृत स्टील कंपाउंड में नाला निर्माण का 70% कार्य पूरा बताया गया जबकि शेष कार्य 15 दिनों में पूरा करने के निर्देश दिए गए। इसी क्षेत्र में सड़क और नालियों के निर्माण के लिए UPSIDC द्वारा जारी टेंडर का कार्य भी जल्द शुरू होने वाला है।
विद्युत उपकेंद्र, पार्क सौंदर्यकरण और सफाई व्यवस्था पर सख्ती
IAA प्रतिनिधि द्वारा 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र के पास जलभराव की शिकायत पर CDO ने NHAI और विद्युत विभाग को समन्वय कर शीघ्र एस्टीमेट तैयार करने के निर्देश दिए।
कार्बन कॉन्टिनेंटल इंडिया लिमिटेड के पास स्थित पार्क की सफाई और सौंदर्यकरण में लापरवाही पर CDO ने कड़े रुख में कहा कि निर्धारित समय न बताने पर कार्रवाई तय है।
UP सीडा की सफाई व्यवस्था पर भी असंतोष व्यक्त करते हुए 3 दिन में रिपोर्ट देने की चेतावनी दी गई।
उद्यमियों से अपील और विभागों को अल्टीमेटम
संयुक्त आयुक्त उद्योग ने बताया कि कई उद्यमियों ने स्टाम्प शुल्क छूट लेकर उत्पादन शुरू होने की सूचना नहीं दी है। सभी को तुरंत आवेदन करने की अपील की गई।
CDO ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत निवेश मित्र पोर्टल पर लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए सभी विभागों को कहा कि समय सीमा से बाहर लंबित मामलों का तुरंत निस्तारण सुनिश्चित करें।
CDO का अंतिम निर्देश
अंत में CDO अभिनव गोपाल ने सभी विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि 15 दिन के भीतर सभी संबंधित प्रकरणों की अनुपालन आख्या अनिवार्य रूप से प्रस्तुत की जाए।


