गाजियाबाद: ट्रोनिका सिटी थाना क्षेत्र में खनन पट्टे पर रंगदारी मांगने और फायरिंग की सनसनीखेज घटना का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। क्राइम ब्रांच और ट्रोनिका सिटी पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में दो शूटर निखिल उर्फ निक्की उर्फ शिवा और अरमान को पकड़ लिया गया।
दोनों के पास से एक .32 बोर की अवैध पिस्टल, एक तमंचा, सात जिंदा कारतूस, बिना नंबर की सफेद स्विफ्ट कार और घटना में इस्तेमाल मोबाइल फोन बरामद किए गए।
पीड़ित सुमित बंसल ने पुलिस को बताया था कि पचायरा/नौरसपुर खनन पट्टे पर दिल्ली की मंडोली जेल में बंद अपराधी दीपक लगातार उनसे तीन लाख रुपये और प्रतिदिन 6-7 ट्रक बालू भरवाने की रंगदारी मांग रहा था।
जब सुमित ने रंगदारी देने से इनकार किया, तो दीपक ने 1 दिसंबर की दोपहर अपने साथियों को मौके पर भेजकर फायरिंग करवाई। फायरिंग के बाद दोनों आरोपी धमकाते हुए फरार हो गए थे।
शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने तेजी दिखाते हुए सोनिया विहार पुस्ता रोड पर दबिश दी और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि उन्होंने जेल में बंद दीपक के इशारे पर ही पैसे वसूलने और विरोध होने पर फायरिंग की थी।
मुख्य आरोपी निखिल उर्फ निक्की उर्फ शिवा का लंबा आपराधिक इतिहास सामने आया है। उसके खिलाफ दिल्ली, बागपत और गाजियाबाद में लूट, डकैती, गैंगस्टर एक्ट, हत्या के प्रयास और रंगदारी समेत दो दर्जन से ज्यादा गंभीर मामले दर्ज हैं। कुछ समय पहले ही उसे छह महीने के लिए जिला बदर किया गया था, लेकिन इसके बावजूद वह आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय रहा।
दूसरा आरोपी अरमान भी कम नहीं है। उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट और आर्म्स एक्ट के कई मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस दोनों से पूछताछ कर मामले में शामिल अन्य सहयोगियों और जेल से जारी आपराधिक नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है।


