नई दिल्ली: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने एक नई ड्राफ्ट गाइडलाइन जारी की है, जिसके तहत बैंकों और नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियों (NBFC) को यह अधिकार दिया जाएगा कि अगर कोई ग्राहक अपनी EMI समय पर नहीं चुकाता, तो उसका मोबाइल फोन लॉक किया जा सके। यह कदम बढ़ते डिजिटल लोन डिफॉल्ट पर रोक लगाने के लिए उठाया गया है।
कैसे करेगा काम?
लोन लेते समय ग्राहक के मोबाइल फोन का IMEI नंबर रजिस्टर किया जाएगा।
अगर कोई ग्राहक लगातार 90 दिन तक EMI का भुगतान नहीं करता, तो लेंडर उसके फोन को “ट्रैकिंग मोड” में डाल सकेगा।
लॉक होने के बाद फोन से कॉल, मैसेज और ऐप्स का इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा।
केवल इमरजेंसी कॉल की सुविधा जारी रहेगी।
किन प्लेटफॉर्म्स पर लागू होगा?
यह सिस्टम डिजिटल लोन ऐप्स और फिनटेक प्लेटफॉर्म्स जैसे Paytm, PhonePe समेत अन्य NBFC आधारित डिजिटल लेंडिंग सेवाओं के जरिए लागू किया जाएगा।
क्यों उठाया गया यह कदम?
RBI के मुताबिक, डिजिटल लोन में डिफॉल्ट तेजी से बढ़ रहा है।
साल 2022 में डिजिटल लोन का NPA (नॉन परफॉर्मिंग एसेट) 2.5% था, जो 2024 में बढ़कर 5% से ज्यादा हो गया।
सबसे ज्यादा डिफॉल्ट छोटे लोन (₹5,000 से ₹50,000 तक) में देखा गया है। कई ग्राहक EMI चुकाए बिना गायब हो जाते हैं।
RBI का मानना है कि यह सिस्टम डिजिटल लोन डिफॉल्ट करने वाले ग्राहकों को जिम्मेदार बनाएगा और बैंकों व NBFCs के बढ़ते NPA पर नियंत्रण करने में मदद करेगा।


