महराजगंज: नौतनवा विकास खंड के बरगदवा गांव के सामने बुधवार की दोपहर लगभग एक बजे महाव नाला का पूरबी तटबंध टूट गया। चकरार गांव निवासी बेचू के खेत के पास करीब 20 मीटर चौड़ा हिस्सा अचानक ध्वस्त हो गया। तटबंध टूटते ही पानी खेतों में घुस गया और देखते ही देखते सैकड़ों एकड़ धान की फसल पूरी तरह जलमग्न हो गई। हालात ऐसे बने कि गांव और आसपास के इलाकों में बाढ़ जैसे हालात हो गए।
तटबंध टूटने की खबर फैलते ही किसानों में भारी आक्रोश देखा गया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि हर साल मरम्मत के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं, लेकिन इसके बावजूद महाव नाला के तटबंध टूटने का सिलसिला थम नहीं रहा है। किसानों का कहना है कि भ्रष्टाचार और लापरवाही के कारण उनकी साल भर की मेहनत बर्बाद हो रही है।
बता दें कि इससे पहले अगस्त माह में भी देवघट्टी गांव के हरखपुरा टोला के सामने महाव नाला का यही पूरबी तटबंध टूटा था। एक महीने के भीतर दूसरी बार तटबंध टूटने से किसानों का गुस्सा और अधिक बढ़ गया है। अब किसान सिंचाई विभाग और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ कड़ी नाराजगी जता रहे हैं।
घटना की सूचना मिलते ही उपजिलाधिकारी नौतनवा नवीन प्रसाद, तहसीलदार कर्ण सिंह और पूर्व विधायक कुंवर कौशल सिंह मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने हालात का जायजा लिया और किसानों को आश्वासन दिया कि उनकी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता से किया जाएगा। हालांकि, किसानों का कहना है कि केवल आश्वासन से बात नहीं बनेगी, बल्कि स्थायी समाधान जरूरी है ताकि हर साल उनकी मेहनत पानी में न बह जाए।


