गाजियाबाद: जनपद के लोनी क्षेत्र में बढ़ते प्रदूषण को लेकर प्रशासन ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है। शनिवार को जिला प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की संयुक्त टीम ने कृष्णा विहार फेस-3 में संचालित 14 अवैध फैक्टरियों को सील कर दिया। साथ ही इन इकाइयों के बिजली कनेक्शन भी तत्काल प्रभाव से काट दिए गए।
यह कार्रवाई जिलाधिकारी के निर्देश पर नायब तहसीलदार रति गुप्ता के नेतृत्व में की गई। अभियान में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, विद्युत विभाग, नगर पालिका परिषद और पुलिस की टीम भी शामिल रही। अधिकारियों के अनुसार, ये फैक्टरियां बिना किसी वैध पंजीकरण के संचालित हो रही थीं और पर्यावरण मानकों का खुलेआम उल्लंघन कर रही थीं।
प्रदूषण का बड़ा स्रोत बनी अवैध फैक्टरियां
लोनी क्षेत्र में बड़ी संख्या में अवैध औद्योगिक इकाइयां संचालित हो रही हैं। अनुमान है कि जिले में 800 से अधिक फैक्टरियां बिना अनुमति के चल रही हैं, जिनमें जींस की रंगाई, लोहे की ढलाई और अन्य प्रदूषणकारी कार्य किए जाते हैं। इनसे निकलने वाला धुआं और रासायनिक अपशिष्ट वायु और जल दोनों को गंभीर रूप से प्रदूषित कर रहे हैं।
स्वास्थ्य और खेती पर असर
स्थानीय लोगों का कहना है कि इन फैक्टरियों के कारण हवा जहरीली होती जा रही है और भूमिगत जल भी दूषित हो रहा है। कई इलाकों में लोग प्रदूषित पानी पीने को मजबूर हैं, जिससे बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। वहीं, आसपास की खेती पर भी इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।
कार्रवाई पर उठते सवाल
हालांकि प्रशासन समय-समय पर कार्रवाई करता है, लेकिन स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि यह कदम पर्याप्त नहीं हैं। उनका कहना है कि कई बार केवल औपचारिक कार्रवाई कर मामले को शांत कर दिया जाता है, जबकि अवैध फैक्टरियां फिर से चालू हो जाती हैं। नगर पालिका, जिला प्रशासन और संबंधित विभागों पर लापरवाही और भ्रष्टाचार के आरोप भी लगते रहे हैं।
अधिकारियों का बयान
नायब तहसीलदार रति गुप्ता ने बताया कि अवैध रूप से संचालित प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।


