नई दिल्ली: सर्दियों के मौसम में गरीब और बेघर लोगों को ठंड से बचाने के लिए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने बड़ा कदम उठाया है। आयोग ने गुरुवार को देश के 19 राज्य सरकारों और केंद्रशासित प्रदेशों को एडवाइजरी जारी करते हुए शीतलहर की संभावना को देखते हुए पूर्व-निवारक कदम उठाने और राहत उपाय लागू करने के निर्देश दिए हैं।
क्या बोला NHRC
आयोग ने कहा है कि सर्दी के मौसम में नवजात शिशु, बच्चे, बुजुर्ग, गरीब, बेघर और निराश्रित वर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं। इसलिए राज्य प्रशासन को तुरंत रात और दिन के आश्रय स्थल, चिकित्सा सहायता, और राहत वितरण जैसी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करनी चाहिए।
एनएचआरसी ने अपने बयान में बताया कि राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की रिपोर्ट ‘भारत में आकस्मिक मृत्यु और आत्महत्याएं’ के अनुसार, साल 2019 से 2023 के बीच शीतलहर से 3,639 लोगों की मौत हुई है। यह आंकड़ा चिंता बढ़ाने वाला है और इस दिशा में तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता दर्शाता है।
आयोग ने राज्य सरकारों से कहा है कि वे राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) के दिशानिर्देशों का पालन करें, ठंड से संबंधित बीमारियों के लिए उपचार प्रोटोकॉल और मानक उपचार प्रक्रिया (SOP) तैयार करें और राहत प्रयासों की निरंतर निगरानी करें।
एनएचआरसी ने साथ ही प्रशासनिक अधिकारियों से यह भी आग्रह किया है कि वे उठाए गए कदमों और उनके प्रभाव की कार्रवाई रिपोर्ट आयोग को भेजें ताकि सर्दी के मौसम में कोई अप्रिय घटना न हो और संवेदनशील वर्गों को ठंड के प्रकोप से बचाया जा सके।


