गाजियाबाद: उत्तर प्रदेश में 8 से 11 नवंबर तक जमीनों की रजिस्ट्री पूरी तरह बंद रहेगी। सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व नुकसान के बावजूद यह निर्णय तकनीकी उन्नयन के लिए लिया गया है। गाजियाबाद में रोजाना औसतन 150 से 200 रजिस्ट्री होती हैं, ऐसे में चार दिन बंदी से अधिवक्ताओं, दस्तावेज़ लेखकों और स्टांप वेंडरों को नुकसान होगा, परंतु सभी इस फैसले से संतुष्ट और आशान्वित हैं।
पुराने मेघराज क्लाउड सर्वर से नए NGC सर्वर में डेटा ट्रांसफर और सिस्टम अपग्रेड के कारण यह रोक लगाई गई है। अधिकारियों के अनुसार, इस अपडेट के बाद रजिस्ट्री प्रक्रिया तेज़ और पारदर्शी हो जाएगी।
गाजियाबाद के अधिवक्ता अक्षय सोलंकी ने बताया कि “पिछले कुछ समय से सर्वर दिक्कतों के चलते एक रजिस्ट्री में पूरा दिन लग जाता था। नया सर्वर इस परेशानी से राहत देगा।” वहीं अधिवक्ता नितिन गोस्वामी ने कहा कि “सर्वर की स्पीड 500 एमबीपीएस से बढ़ाकर 2000 एमबीपीएस की जा रही है, जिससे रजिस्ट्री आधे घंटे में पूरी हो सकेगी।”
सदर तहसील में रोजाना करीब 250 से 300 रजिस्ट्री होती हैं, जहाँ लगभग 500 अधिवक्ता और इतने ही दस्तावेज़ लेखक कार्यरत हैं। सर्वर अपग्रेड से चार दिनों का अस्थायी नुकसान होगा, लेकिन भविष्य में कामकाज सरल और समयबचत वाला बन जाएगा।
प्रॉपर्टी डीलर भूरे लाल शर्मा ने कहा, “कई बार रजिस्ट्री पूरी करने में दो दिन लग जाते थे। अब सर्वर अपग्रेड होने से कामकाज सुचारू होगा।”
एडीएम सौरभ भट्ट ने पुष्टि की कि “8 से 11 नवंबर तक पूरे प्रदेश में रजिस्ट्री कार्य बंद रहेंगे। यह कदम नागरिकों की सुविधा और पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया गया है।”


