गाजियाबाद: जनपद में संभावित दुर्घटनाओं की रोकथाम को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। डीएम रविन्द्र कुमार मॉंदड़ ने निर्माणाधीन मॉल, बहुमंजिला भवनों, अधूरी इमारतों, पुलों, सड़कों और अन्य सभी दुर्घटना संभावित स्थलों पर सुरक्षा इंतज़ाम अनिवार्य करने के निर्देश दिए हैं।
ग्रेटर नोएडा में हाल ही में निर्माणाधीन मॉल के बेसमेंट में जलभराव से हुई मौत की घटना को गंभीर चेतावनी मानते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि यदि समय रहते ऐसे खतरनाक स्थलों की पहचान नहीं की गई, तो गाजियाबाद में भी बड़ी दुर्घटनाएं हो सकती हैं।
खतरनाक स्थलों की होगी पहचान
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जनपद के सभी आवासीय और व्यावसायिक भवनों, मॉल, बहुमंजिला इमारतों, खुली संरचनाओं, निर्माणाधीन या क्षतिग्रस्त पुलों, सड़कों, डिवाइडरों, खुले गड्ढों, सीवर, नालों, तालाबों और पोखरों का संबंधित विभागों द्वारा गहन निरीक्षण किया जाए। प्रत्येक विभाग अपने क्षेत्र में मौजूद दुर्घटना संभावित स्थलों को चिन्हित कर उनकी सूची तैयार करेगा।
25 जनवरी तक रिपोर्ट, 30 तक कार्ययोजना
सभी विभागों को निर्देशित किया गया है कि वे 25 जनवरी 2026 तक चिन्हित स्थलों का विवरण जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को निर्धारित प्रारूप में उपलब्ध कराएं। रिपोर्ट में विभाग का नाम, स्थल का पूरा पता, संरचना का प्रकार और दुर्घटना रोकने के लिए प्रस्तावित सुरक्षा उपायों का उल्लेख अनिवार्य होगा।
इसके साथ ही प्रत्येक विभाग को अपने स्तर पर विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर 30 जनवरी 2026 तक जिलाधिकारी कार्यालय में प्रस्तुत करनी होगी।
लापरवाही पर तय होगी जिम्मेदारी
जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मॉंदड़ ने दो टूक शब्दों में कहा कि यदि निर्देशों के बाद भी किसी विभागीय क्षेत्र या स्वीकृत योजना में दुर्घटना संभावित स्थल पाए जाते हैं, तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता को अक्षम्य माना जाएगा।
जनसुरक्षा सर्वोपरि
जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद में जन-धन की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


