संतकबीरनगर: जिले के स्वास्थ्य विभाग में मंगलवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब अल्ट्रासाउंड केंद्र के पंजीकरण में भारी फर्जीवाड़ा पकड़ा गया। नवजीवन डायग्नोस्टिक सेंटर के नाम से किए गए ऑनलाइन आवेदन में डॉक्टर की फर्जी डिग्री और जाली दस्तावेज़ों का इस्तेमाल किया गया था।
सत्यापन के दौरान एसीएमओ ने संबंधित महिला से डिग्री की जानकारी मांगी तो वह घबरा गई और पूछताछ में कबूल किया कि उसे पैसों के लालच में इस खेल में शामिल किया गया। महिला के पास केवल बीएएमएस की डिग्री है और वह बनारस में प्रैक्टिस करती है।
अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राम रतन ने आवेदन तुरंत निरस्त कर दिया और पुलिस को सूचना दी। देर शाम तक कोतवाली पुलिस जांच में जुटी रही।
सीएमओ ने साफ कहा कि यह कोई सामान्य मामला नहीं बल्कि जिले में सक्रिय संगठित सिंडिकेट की करतूत है, जो अवैध अल्ट्रासाउंड केंद्रों को बढ़ावा देता है। फिलहाल सीएमओ ने पूर्व के बड़े बाबू अयोध्या प्रसाद, कुंवर बहादुर, राम श्रीवास्तव (निवासी-गोरखपुर) समेत चार आरोपियों पर मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस पूरे रैकेट का पर्दाफाश करने में लगी है।


