गाजियाबाद: गोवा के अरपोरा स्थित एक नाइट क्लब में हाल ही में हुए भीषण अग्निकांड के बाद उत्तर प्रदेश सरकार पूरी तरह सतर्क हो गई है। इसी क्रम में अपर पुलिस महानिदेशक, अग्निशमन एवं आपात सेवा, लखनऊ और पुलिस आयुक्त, कमिश्नरेट गाजियाबाद के निर्देश पर जिले में फायर सुरक्षा मानकों की बड़े पैमाने पर जांच शुरू कर दी गई है।

फायर विभाग की टीमों द्वारा शहर के विभिन्न इलाकों में क्लब, बार, रेस्टोरेंट, बैंक्वेट हॉल और अन्य भीड़भाड़ वाले प्रतिष्ठानों पर सघन निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में गुरुवार को फायर टीमों ने कुल 11 प्रमुख स्थानों पर अग्निशमन सुरक्षा की विस्तृत जांच की।
जिन प्रतिष्ठानों का परीक्षण किया गया उनमें होटल वाईसीआर इन (इंद्रपुरी, लोनी), वाईपीआर बैंक्वेट एवं रेस्टोरेंट और होटल ड्रीम हाउस (मोदीनगर), माउंट ग्रीन फार्म हाउस, रेड कांटिनेंटल, रेड कारपेट और वेलवेट लीफ बैंक्वेट हॉल (राजनगर एक्सटेंशन), मैकडोनाल्ड (वसुंधरा-1), मोहन ढाबा (वैशाली-5), पैपर्स पिज्जा (वसुंधरा-2ए) और भाटी ढाबा एवं रेस्टोरेंट (मेवाड़ कॉलेज, वसुंधरा) शामिल हैं।

निरीक्षण के दौरान फायर अधिकारियों ने मौजूद स्टाफ को अग्निशमन उपकरणों के उपयोग का त्वरित प्रशिक्षण दिया। उन्हें बताया गया कि आग लगने की स्थिति में सही शुरुआती प्रतिक्रिया कैसे दी जाए, जनहानि और संपत्ति को हुए नुकसान को कैसे रोका जाए, तथा सुरक्षित निकासी किस प्रकार सुनिश्चित की जा सकती है। साथ ही प्रत्येक स्थल की विद्युत सुरक्षा प्रणाली की जांच की गई और मालिकों को नियमित इलेक्ट्रिकल ऑडिट कराने की सख्त सलाह दी गई।
फायर विभाग ने सभी प्रतिष्ठान संचालकों को निर्देश दिए कि वे अपने परिसर में स्थापित अग्निशमन प्रणालियों को हमेशा ऑटो मोड पर कार्यशील रखें। साथ ही सभी आपात द्वार और निकासी मार्ग पूरी तरह अवरोधों से मुक्त रखने का आदेश जारी किया गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में लोगों को तेजी से बाहर निकाला जा सके।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस अभियान का उद्देश्य सुरक्षा को बेहतर बनाना और गोवा जैसी किसी भी भयावह त्रासदी की पुनरावृत्ति को रोकना है। विभाग ने बताया कि आने वाले दिनों में यह अभियान और तेज गति से जारी रहेगा तथा जिले के और भी स्थलों पर विस्तृत निरीक्षण किए जाएंगे।


