कुशीनगर: सेवरही विकासखंड के सलेमगढ़ बाजार स्थित आर एस पब्लिक स्कूल में शनिवार को विद्यालय का 12वां वार्षिकोत्सव समारोह बड़े ही हर्षोल्लास और धूमधाम के साथ आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर उपस्थित लोगों का मन मोह लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथियों द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इसके बाद बच्चों ने लोकगीत, राष्ट्रीय गीत, भजन, नृत्य तथा एकांकी नाटक प्रस्तुत कर अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। देर शाम तक चले कार्यक्रम का अभिभावकों और स्थानीय लोगों ने भरपूर आनंद लिया।
इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य हरेंद्र मिश्रा ने कहा कि शिक्षित व्यक्ति ही जीवन के हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर सकता है। उन्होंने कहा कि समाज के समग्र विकास के लिए शिक्षा का प्रसार अत्यंत आवश्यक है।

वहीं पूर्व जिला पंचायत सदस्य व समाजवादी पार्टी के विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद यादव ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा के बिना मनुष्य का जीवन अधूरा है। उन्होंने सभी अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि वे अपने बच्चों को शिक्षा से वंचित न होने दें और उन्हें विद्यालय भेजने के लिए जागरूक रहें।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे अवकाश प्राप्त प्रधानाचार्य इकबाली राय ने कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं। यदि उन्हें सही मार्गदर्शन और प्रोत्साहन मिले तो वे समाज और देश को नई दिशा दे सकते हैं।

विद्यालय के प्रधानाचार्य अंगद सिंह पटेल ने कहा कि ईमानदारी और सच्ची लगन से किया गया प्रयास कभी असफल नहीं होता। उन्होंने छात्रों को मेहनत और अनुशासन के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
इस मौके पर युवा भाजपा नेता संजय गुप्ता ने बच्चों को आशीर्वाद देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और उनकी प्रतिभा की सराहना की।
कार्यक्रम का संचालन सच्चिदानंद यादव ने किया। अंत में विद्यालय के निदेशक अभिषेक सिंह पटेल ने सभी अतिथियों और उपस्थित अभिभावकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विद्यालय क्षेत्र में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है।
इस दौरान ई. वसीम अहमद, निलय सिंह, दिलीप राय, रंजन कुमार मिश्रा, संतोष मिश्रा, डॉ. इफ्तखार अहमद करीम, तारकेश्वर शाही, दिग्विजय मिश्रा, विजय सिंह, सुभाष प्रसाद, देशबंधु कश्यप, रविंद्र राय सहित कई गणमान्य लोग और अभिभावक उपस्थित रहे।


