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  • 20/04/2026
  • Last Update 19/04/2026 9:29 pm
  • Lucknow

संघर्ष और मेहनत की मिसाल: बिना कोचिंग के आईएएस बने उत्तराखंड के हिमांशु दिवाकर, जानिए उनके सफलता का मंत्र

संघर्ष और मेहनत की मिसाल: बिना कोचिंग के आईएएस बने उत्तराखंड के हिमांशु दिवाकर, जानिए उनके सफलता का मंत्र

काशीपुर: कड़ी मेहनत, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के दम पर उत्तराखंड के काशीपुर के कटोराताल निवासी हिमांशु दिवाकर ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा में 888वीं रैंक हासिल कर आईएएस बनने का गौरव प्राप्त किया है। खास बात यह है कि उन्होंने बिना किसी कोचिंग के घर पर रहकर ही तैयारी की और सफलता हासिल कर अपने माता-पिता व क्षेत्र का नाम रोशन किया।

हिमांशु दिवाकर ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता के मार्गदर्शन और प्रोत्साहन को दिया है। विशेष रूप से उनके पिता रमेश सिंह दिवाकर, जो रुड़की में अपर जिला जज के पद पर कार्यरत हैं, से उन्हें लगातार प्रेरणा मिलती रही। पिता के मार्गदर्शन ने ही हिमांशु के भीतर सिविल सेवा में जाने का सपना जगाया।

लोगों ने बताया कि हिमांशु ने पूरी तैयारी घर पर रहकर ही की। उन्होंने प्रतिदिन लगभग 13 से 14 घंटे तक पढ़ाई करते हुए ऑनलाइन संसाधनों, पुस्तकों और नियमित मॉक टेस्ट की मदद से अपनी तैयारी को मजबूत बनाया।

हिमांशु दिवाकर ने वर्ष 2020 में एनआईटी हमीरपुर से बीटेक की पढ़ाई पूरी की थी। बीटेक के दौरान ही उन्होंने सिविल सेवा में जाने का लक्ष्य तय कर लिया था। यह उनका दूसरा प्रयास था और पहली बार ही इंटरव्यू तक पहुंचकर उन्होंने सफलता प्राप्त कर ली।

हिमांशु का कहना है कि लगन, अनुशासन और निरंतर मेहनत से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। उन्होंने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि सही दिशा में मेहनत करने से बिना कोचिंग के भी बड़ी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त की जा सकती है।

हिमांशु दिवाकर की इस उपलब्धि से उनके परिवार में खुशी का माहौल है। साथ ही न्यायिक अधिकारियों, स्थानीय लोगों और परिचितों ने उन्हें बधाई देते हुए उनकी सफलता को क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणादायक उदाहरण बताया है।

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