महराजगंज: पनियरा ब्लॉक में किसानों को लाभ पहुंचाने वाली सरकारी योजना को पलीता लगाने का एक गंभीर मामला सामने आया है। कृषि रक्षा इकाई पर तैनात केंद्र प्रभारी द्वारा किसानों में निःशुल्क वितरित किए जाने वाले मूंगफली के सरकारी बीज को चोरी-छिपे बाजार में बेचने की कोशिश की जा रही थी। हालांकि, जागरूक नागरिकों की सतर्कता से यह साजिश समय रहते बेनकाब हो गई।
बता दें, मंगलवार की शाम पनियरा ब्लॉक परिसर में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब कृषि रक्षा इकाई कार्यालय के सामने एक ट्रैक्टर-ट्रॉली में सरकारी मूंगफली बीज की बोरियां लदी जा रही थीं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, करीब 17 बोरा बीज बाजार भेजने की तैयारी थी। इसी दौरान हिंदू युवा वाहिनी के जिला संयोजक सतीश सिंह को इसकी जानकारी मिली। वे तत्काल मौके पर पहुंचे और ट्रैक्टर-ट्रॉली को ब्लॉक गेट पर ही रुकवा दिया। पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाकर उन्होंने संबंधित अधिकारियों और मीडिया को सूचित किया।
मीडिया के सवालों से घिरे केंद्र प्रभारी इस पूरे मामले पर कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। कैमरे के सामने उन्होंने अपनी गलती स्वीकार करते हुए कहा कि “अनजाने में गलती हो गई, भविष्य में ऐसा नहीं होगा।” हालांकि, उनके इस बयान से किसानों का गुस्सा और भड़क गया।
मौके पर जुटे किसानों और ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कृषि रक्षा इकाई पर लंबे समय से मनमानी चल रही है। पात्र किसानों को बीज के लिए बार-बार बुलाया जाता है, लेकिन कभी स्टॉक खत्म होने तो कभी अन्य बहाने बनाकर लौटा दिया जाता है। वहीं, अंदरखाने सरकारी बीज निजी व्यापारियों तक पहुंचा दिया जाता है।
इस मामले ने कृषि विभाग की कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। किसानों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो ऐसे मामले दोबारा सामने आते रहेंगे और सरकारी योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों तक नहीं पहुंच पाएगा।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला कृषि अधिकारी शैलेन्द्र सिंह ने जांच के आदेश जारी किए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में यदि केंद्र प्रभारी दोषी पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ कड़ी विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


