महराजगंज: जनपद में निजी स्कूलों द्वारा फीस वृद्धि, ड्रेस बदलाव और किताबों की अनिवार्यता के नाम पर की जा रही मनमानी अब प्रशासन के निशाने पर आ गई है। लगातार उठ रहे मुद्दों और हिंदी एक्सप्रेस न्यूज़ की प्रकाशित खबरों को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं।
जिलाधिकारी के निर्देश पर नौतनवा ब्लॉक क्षेत्र में निजी शिक्षण संस्थानों की गहन जांच शुरू कर दी गई है। उपजिलाधिकारी नवीन कुमार और खंड शिक्षा अधिकारी हेमंत कुमार मिश्र के नेतृत्व में गठित संयुक्त टीमें लगातार स्कूलों का औचक निरीक्षण कर रही हैं, जिससे स्कूल संचालकों में हड़कंप की स्थिति है।
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प्रशासन ने सभी निजी स्कूलों को निर्देशित किया है कि वे पिछले पांच वर्षों का विस्तृत फीस रिकॉर्ड प्रस्तुत करें। साथ ही यह भी स्पष्ट कर दिया गया है कि 5 प्रतिशत से अधिक फीस वृद्धि किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों को नोटिस जारी कर अतिरिक्त शुल्क को समायोजित करने की कार्रवाई की जाएगी।
इसके अतिरिक्त, स्कूलों द्वारा छात्रों को किसी विशेष दुकान से किताबें या अन्य शैक्षणिक सामग्री खरीदने के लिए बाध्य करने पर सख्त रोक लगा दी गई है। अभिभावकों को राहत देते हुए अगले पांच शैक्षणिक सत्रों तक स्कूल ड्रेस में बदलाव न करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन ने सभी निजी स्कूलों को एनसीईआरटी पाठ्यक्रम लागू करने के निर्देश देते हुए साफ चेतावनी दी है कि यदि किसी भी स्तर पर नियमों की अनदेखी पाई गई, तो संबंधित संस्थान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए मान्यता रद्द करने तक की सिफारिश की जाएगी।
जिलाधिकारी के निर्देश पर स्थानीय अधिकारी लगातार निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत कर रहे हैं। इस कार्रवाई से क्षेत्र के अभिभावकों में संतोष और भरोसा बढ़ा है, वहीं निजी स्कूल संचालकों में जवाबदेही की भावना भी मजबूत हुई है।


