कुशीनगर: चौराखास थाना क्षेत्र में कलेक्शन एजेंट से लूट की सनसनीखेज वारदात का पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। शुरुआती तौर पर जिस घटना को सुनियोजित लूट माना जा रहा था, जांच आगे बढ़ने पर उसकी कहानी पूरी तरह बदल गई। पुलिस के मुताबिक इस वारदात का पूरा ताना-बाना खुद कथित पीड़ित कलेक्शन एजेंट ने अपने साथियों के साथ मिलकर बुना था।
एसपी केशव कुमार के निर्देशन में गठित टीम ने घटनास्थल के आसपास के साक्ष्य, तकनीकी सर्विलांस, मोबाइल कॉल डिटेल और व्हाट्सएप गतिविधियों का गहन विश्लेषण किया। जांच में सामने आया कि कलेक्शन एजेंट ने पहले से ही अपने साथियों को व्हाट्सएप के माध्यम से लोकेशन भेजी थी। तय योजना के मुताबिक आरोपी मौके पर पहुंचे और लूट की घटना को अंजाम देकर पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया।
तेजी से कार्रवाई करते हुए पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उनके कब्जे से ₹1.40 लाख नकद, घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन तथा दो मोटरसाइकिल बरामद की गई हैं। बरामदगी और तकनीकी साक्ष्यों ने पूरी साजिश की परतें खोल दीं।
पुलिस का कहना है कि मामले का मुख्य साजिशकर्ता और एक अन्य आरोपी अभी फरार हैं। दोनों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही शेष आरोपियों को भी गिरफ्तार कर मामले का पूर्ण खुलासा किया जाएगा।
इस कार्रवाई को कुशीनगर पुलिस की त्वरित जांच और तकनीकी साक्ष्यों के प्रभावी उपयोग का उदाहरण माना जा रहा है। महज 24 घंटे के भीतर पूरे घटनाक्रम का खुलासा कर पुलिस ने न केवल लूट की गुत्थी सुलझाई, बल्कि फर्जी कहानी के पीछे छिपी साजिश को भी बेनकाब कर दिया।


