गाजियाबाद: पुलिस ने नवजात शिशुओं की तस्करी करने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। स्वाट टीम ग्रामीण जोन और थाना ट्रोनिका सिटी पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में 6 महिलाओं समेत कुल 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने गिरोह के चंगुल से 11 दिन की अपहृत नवजात बच्ची को सकुशल बरामद कर उसके परिजनों को सौंप दिया।

मामले का खुलासा उस समय हुआ जब 26 मई को हिना नामक महिला ने थाना ट्रोनिका सिटी में शिकायत दर्ज कराई कि पूजा नाम की महिला उसकी नवजात बच्ची को बिना बताए मनोज उर्फ मोनू नामक व्यक्ति को बेच चुकी है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की।
एसीपी लोनी सिद्धार्थ गौतम के नेतृत्व में गठित टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल लोकेशन और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पूरे नेटवर्क की पड़ताल की। इसके बाद 2 जून को ट्रोनिका सिटी क्षेत्र में घेराबंदी कर गिरोह के 12 सदस्यों को दबोच लिया गया।
गिरफ्तार आरोपियों में सुनील कुमार, संजय कुमार, राजेंद्र सिंह, पवन कुमार, मनोज उर्फ मोनू, विनीत कुमार, राबिया, कृष्णा देवी, फरमीना, ज्योति, पूजा और कुमकुम शामिल हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह गिरोह उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान समेत कई राज्यों में सक्रिय था।
पुलिस के मुताबिक गिरोह आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के नवजात बच्चों को निशाना बनाता था। आरोपी या तो परिजनों को झांसे में लेकर बच्चों को अपने कब्जे में लेते थे या चोरी कर उन्हें निःसंतान और जरूरतमंद परिवारों को भारी रकम लेकर बेच देते थे।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल की जा रही तीन कारें और करीब 2.90 लाख रुपये के नकली नोट भी बरामद किए हैं। अब पुलिस इस बात की गहन जांच कर रही है कि गिरोह का नेटवर्क किन-किन राज्यों तक फैला था, अब तक कितने बच्चों की खरीद-फरोख्त की जा चुकी है और क्या इसके तार किसी अस्पताल या सरोगेसी नेटवर्क से जुड़े हैं।


