महराजगंज: सोनौली कोतवाली क्षेत्र में एक निजी अस्पताल में प्रसव के दौरान हुई महिला की मौत ने स्वास्थ्य सेवाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना के बाद गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने अस्पताल परिसर में जमकर विरोध-प्रदर्शन किया, जिससे इलाके में तनाव का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने हालात को काबू में लेते हुए अस्पताल संचालक को हिरासत में ले लिया और मामले की जांच शुरू कर दी।

मिली जानकारी के मुताबिक सोनौली क्षेत्र निवासी फरीदा खातून पत्नी अब्दुल करीम को प्रसव पीड़ा होने पर बॉर्डर डेवलपमेंट रोड स्थित मदरहुड अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में महिला का ऑपरेशन किया गया, लेकिन ऑपरेशन के कुछ ही देर बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी।
इस पर परिवार का कहना है कि अस्पताल प्रबंधन ने मरीज की वास्तविक स्थिति को गंभीरता से नहीं बताया और काफी देर तक उन्हें भरोसे में रखा। जब हालत नियंत्रण से बाहर होने लगी, तब आनन-फानन में महिला को महराजगंज के केएमसी अस्पताल भेजा गया। वहां चिकित्सकों ने स्थिति गंभीर देखते हुए लखनऊ स्थित मेदांता अस्पताल रेफर कर दिया, लेकिन इलाज शुरू होने से पहले ही महिला ने दम तोड़ दिया।
प्रसूता के मौत की खबर मिलते ही परिजनों का आक्रोश फूट पड़ा। जिसके बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण अस्पताल पहुंच गए और लापरवाही का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। हालात बिगड़ते देख पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।
मृतका के पति अब्दुल करीम ने आरोप लगाया कि अस्पताल संचालक ने कथित रूप से एक अनुभवहीन और संदिग्ध चिकित्सक से ऑपरेशन कराया, जिसके चलते उनकी पत्नी की जान चली गई। उन्होंने कहा कि अगर समय रहते विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में इलाज मिलता, तो शायद उनकी पत्नी आज जीवित होती।
पीड़ित परिवार ने सोनौली पुलिस को लिखित शिकायत देकर अस्पताल प्रबंधन और संबंधित कथित चिकित्सक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


