महराजगंज: सोनौली कोतवाली क्षेत्र में एक विद्यालय प्रबंधक को झूठे आरोपों में फंसाने की साजिश का पुलिस ने खुलासा किया है। फर्जी हस्ताक्षर के जरिए दी गई शिकायत ने कुछ समय के लिए हड़कंप मचा दिया, लेकिन जांच के दौरान पूरा मामला बेनकाब हो गया।
जानकारी के मुताबिक, बीते शनिवार को पुलिस को तौफीक अंसारी के नाम से एक शिकायती पत्र मिला था। इस पत्र में विद्यालय प्रबंधक श्रीचंद्र बरनवाल पर सड़क जाम करने सहित कई गंभीर आरोप लगाए गए थे। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस ने कथित शिकायतकर्ता तौफीक अंसारी और प्रबंधक को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की। इस दौरान तौफीक अंसारी ने साफ तौर पर कहा कि उसने कोई शिकायत नहीं की है और पत्र पर किए गए हस्ताक्षर भी उसके नहीं हैं। इससे साफ हो गया कि शिकायत पूरी तरह से फर्जी थी।
पुलिस की आगे की जांच में यह भी सामने आया कि शिवम नामक एक युवक इस फर्जी शिकायत के पीछे था, जो षड्यंत्र के तहत शिकायती पत्र लेकर थाने पहुंचा था।
पीड़ित प्रबंधक श्रीचंद्र बरनवाल ने आरोप लगाया कि उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित करने और उनकी छवि खराब करने के उद्देश्य से यह साजिश रची गई थी। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए पुलिस को लिखित तहरीर दी है।
सोनौली कोतवाल महेंद्र कुमार मिश्रा ने बताया कि मामले की गहन जांच जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।


