महराजगंज: नौतनवा ब्लॉक के ग्राम पंचायत बरगदवा में मनरेगा कार्यों में भारी अनियमितता और फर्जी हाजिरी का मामला सामने आने से ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ गई है। ढाबोला से मंगलापुर सीवान तक चल रहे कुला खुदाई कार्य में ऑनलाइन दर्ज मजदूरों की संख्या और वास्तविक उपस्थिति में बड़ा अंतर पाए जाने के बाद पूरे मामले पर सवाल खड़े हो गए हैं।
मिली जानकारी के अनुसार कार्यस्थल को दो अलग-अलग साइट दिखाकर कुल आठ मस्टरोल संख्या 295 से 299 तथा 364 से 366 जारी किए गए हैं। आरोप है कि अधिक मस्टरोल बनाकर फर्जी तरीके से मजदूरों की हाजिरी लगाई जा रही है ताकि सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा सके।
मामले का खुलासा तब हुआ जब रविवार सुबह करीब 11:32 बजे कार्यस्थल का निरीक्षण किया गया। रिकॉर्ड में 55 मजदूरों की उपस्थिति दर्ज थी, लेकिन मौके पर एक भी मजदूर कार्य करता नहीं मिला। इसके बाद सोमवार को भी स्थिति संदिग्ध रही। पोर्टल पर 50 मजदूरों की ऑनलाइन हाजिरी दर्ज की गई, जबकि धरातल पर केवल 39 मजदूर ही काम करते दिखाई दिए। ऐसे में बाकी 11 मजदूरों के नाम पर होने वाले भुगतान को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि जानबूझकर दो साइट दिखाकर अधिक मस्टरोल जारी किए गए, जिससे फर्जी हाजिरी का खेल आसानी से चलाया जा सके। ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
इस पूरे प्रकरण में रोजगार सेवक की भूमिका भी सवालों के घेरे में आ गई है। जब उनसे मजदूरों की अनुपस्थिति के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा,“हमें मजदूरों से कोई मतलब नहीं है। हमारा काम सिर्फ ऑनलाइन हाजिरी लगाना है। मजदूर कब आते हैं और कब जाते हैं, इसकी जिम्मेदारी हमारी नहीं है।”
रोजगार सेवक का यह बयान सरकारी व्यवस्था और निगरानी प्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े करता है। मनरेगा नियमों के अनुसार कार्यस्थल पर मजदूरों की वास्तविक उपस्थिति सुनिश्चित करना और कार्य की निगरानी करना संबंधित कर्मचारियों की जिम्मेदारी होती है। इसके बावजूद इस तरह का बयान यह संकेत देता है कि व्यवस्था में जवाबदेही की भारी कमी है।
मामले को गंभीरता से लेते हुए डीपीआरओ श्रेया मिश्रा ने कहा कि पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। अब लोगों की नजर प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई है कि आखिर इस कथित फर्जीवाड़े में शामिल जिम्मेदारों पर क्या कदम उठाए जाते हैं।


