गाजियाबाद: ट्रोनिका सिटी थाना क्षेत्र के ग्राम मीरपुर हिन्दू (नवादा) स्थित सैनिक विहार में गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) की बुलडोजर कार्रवाई के बाद अब जमीन देने वाले किसानों ने कथित कॉलोनाइजरों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की मांग तेज कर दी है। किसानों का कहना है कि अवैध निर्माण तो ध्वस्त हो गया, लेकिन जिन लोगों ने कथित तौर पर धोखाधड़ी कर उनकी जमीन पर कब्जा कर अवैध प्लॉटिंग की, उनके खिलाफ अभी तक कोई ठोस कानूनी कार्रवाई नहीं हुई।
बताया जा रहा है कि GDA के प्रवर्तन जोन-8 ने उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम, 1973 के तहत लगभग 20 हजार वर्गमीटर क्षेत्र में विकसित की जा रही अवैध कॉलोनी पर कार्रवाई की। इस दौरान करीब 60 से 70 भूखंडों की बाउंड्रीवाल, सड़कें और अन्य अवैध निर्माण ध्वस्त कर दिए गए। प्राधिकरण के अनुसार यह कॉलोनी बिना स्वीकृति के विकसित की जा रही थी।
चेक दिए, लेकिन पैसा आज तक नहीं मिला
पीड़ित किसानों का आरोप है कि कथित कॉलोनाइजर सलमान और मोहसिन ने उनकी कृषि भूमि खरीदने के लिए चेक दिए थे और कुछ ही दिनों में भुगतान का भरोसा दिलाया था। किसानों का कहना है कि दो वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बावजूद उन्हें न तो पूरी रकम मिली और न ही जमीन वापस मिली।
किसानों के अनुसार, भुगतान किए बिना ही जमीन पर अवैध प्लॉटिंग कर कई लोगों को भूखंड बेच दिए गए। इससे एक ओर किसान अपनी मेहनत की कमाई और पुश्तैनी जमीन से हाथ धो बैठे, वहीं दूसरी ओर प्लॉट खरीदने वाले लोग भी असमंजस और नुकसान की स्थिति में आ गए हैं।
पुलिस से FIR दर्ज करने की मांग
GDA की कार्रवाई के बाद किसानों ने प्रशासन और पुलिस से मांग की है कि कथित कॉलोनाइजरों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि केवल अवैध निर्माण गिराने से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि कथित दोषियों को कानून के दायरे में लाना भी जरूरी है।
दोबारा निर्माण की आशंका
स्थानीय लोगों का कहना है कि कार्रवाई के बावजूद कुछ लोग फिर से ध्वस्त किए गए भूखंडों पर निर्माण कराने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से ऐसे प्रयासों पर सख्ती से रोक लगाने और क्षेत्र की लगातार निगरानी करने की मांग की है।
उधर, GDA अधिकारियों का कहना है कि जनपद में अवैध कॉलोनियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और बिना स्वीकृति के कॉलोनी विकसित करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।


