गाजियाबाद: लोनी में बीते 24 घंटे ऐसे रहे, जिन्होंने विकास के सरकारी दावों और आम नागरिकों के रोजमर्रा के अनुभवों के बीच मौजूद फासले को उजागर कर दिया। एक तरफ नगर पालिका ने करीब ₹297 करोड़ के बजट को विकास कार्यों में खर्च करने की दिशा में कदम बढ़ाए, वहीं दूसरी ओर बारिश, बिजली संकट, अपराध और अवैध कब्जों से जुड़े मामलों ने लोगों की परेशानियां सामने ला दीं।
प्रशासन ने मीरपुर हिंदू गांव में लगभग 300 वर्ग गज सरकारी भूमि को कब्जामुक्त कराते हुए कार्रवाई का संदेश दिया। लेकिन इसी दौरान हुई कुछ देर की बारिश ने कई इलाकों में जलनिकासी व्यवस्था की कमजोरियों को उजागर कर दिया। वार्ड-12 से बेहटा हाजीपुर तक सड़कों पर पानी भर गया, जिससे स्थानीय लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इसके साथ ही भीषण गर्मी के बीच कई क्षेत्रों में घंटों बिजली आपूर्ति बाधित रहने से लोगों में नाराजगी देखी गई।
अपराध के मोर्चे पर तस्वीर मिश्रित रही। टोनिका सिटी पुलिस ने बच्चा-चोरी के मामले में फरार चल रहे तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया और उनके पास से नकली नोट भी बरामद किए। वहीं अंकुर विहार क्षेत्र में पुरानी रंजिश के चलते ऑटो चालक आफताब की हत्या ने इलाके में सनसनी फैला दी। इस घटना के बाद लगे जाम में फंसी एंबुलेंस में बागपत निवासी प्रेमपाल की मौत ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया।
लोनी बॉर्डर क्षेत्र की कई कॉलोनियों के निवासियों का कहना है कि मुख्य मार्गों पर पुलिस की मौजूदगी तो दिखाई देती है, लेकिन अंदरूनी गलियों में गश्त पर्याप्त नहीं होने से चोरी और छिनैती जैसी घटनाओं का डर बना रहता है। स्थानीय लोग सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाने की मांग कर रहे हैं।
इधर, अवैध प्लॉटिंग और भू-माफियाओं की सक्रियता को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। कुछ स्थानीय लोगों का आरोप है कि कार्रवाई के बाद भी नाम बदलकर अवैध गतिविधियां दोबारा शुरू कर दी जाती हैं। उनका कहना है कि शिकायतों के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से गाजियाबाद विकास प्राधिकरण और संबंधित विभागों की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं।
हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और संबंधित विभागों की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
कुल मिलाकर, लोनी इस समय विकास योजनाओं और जमीनी चुनौतियों के बीच संतुलन तलाशता नजर आ रहा है। करोड़ों के बजट का वास्तविक असर तभी दिखाई देगा, जब नागरिकों को बेहतर सड़कें, सुचारु जलनिकासी, निर्बाध बिजली, सुरक्षित माहौल और अवैध कब्जों से राहत जैसी मूलभूत सुविधाएं व्यवहारिक रूप से महसूस हों।


